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अरेस्ट से बचने के लिए कोर्ट से भागा दारोगा एक दिन बाद जा पहुंचा जेल

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के दरियाबाद थाने के प्रभारी को सुलतानपुर जिले की एक अदालत से फरार होने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

दरियाबाद के थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद शुक्ला को पूर्व में सुल्तानपुर के लम्भुआ कोतवाली में अपनी तैनाती के दौरान क्षेत्र के एक गांव में हुए छेड़छाड़ और गैर इरादतन हत्या के एक मामले में विवेचक (जांच अधिकारी) बनाया गया था।

मामला स्कूल से लौटते समय मोटरसाइकिल से कथित तौर पर कुचलकर 14 वर्षीय बच्ची की मौत का है। लड़की की दादी ने अपनी प्राथमिकी में नाबालिग समेत तीन लोगों पर आपत्ति जताने से पहले उसके साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाया है। शुक्ला मामले में जांच अधिकारी थे। आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

मामले में वादी के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडे ने बताया कि सुल्तानपुर की विशेष लोक अदालत ने दुर्गा प्रसाद शुक्ला को जिरह के लिए पिछली दो जुलाई, 16 अगस्त और 25 अगस्त को तलब किया था, मगर वह अदालत में हाजिर नहीं हुए। पांडे के मुताबिक इस पर अदालत ने विवेचक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को लगभग साढ़े चार बजे शुक्ला ने अदालत पहुंचकर गैर जमानती वारंट निरस्त करने के लिए अर्जी दी, लेकिन विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) पवन कुमार शर्मा ने उनकी अर्जी खारिज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया। पांडे के मुताबिक इसी बीच शुक्ला अदालत से फरार हो गए।

पांडे ने बताया कि शुक्ला बुधवार की सुबह अदालत में फिर पेश हुए और उन्होंने गैर जमानती वारंट निरस्त करने की अर्जी दी तो न्यायाधीश ने अर्जी खारिज करते हुए कोर्ट मोहर्रिर को उन्हें हिरासत में लेने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पांडे के अनुसार इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

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