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सावन के सोमवार पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, शिव मंदिरों में गूंजा ‘बोल बम’

‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे

सावन माह का सोमवार आज देशभर में श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे।

उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम और उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगाजल लेकर पहुंचे कांवरियों की लहर देखने को मिली। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा और दूध अर्पित कर भगवान शिव की आराधना की।

इस अवसर पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन से निगरानी की गई और जगह-जगह पर मेडिकल कैंप तथा जलपान की व्यवस्था की गई।

सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शिवजी की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस अवसर पर व्रत, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का आयोजन किया गया।

हरिद्वार में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और कांवर यात्रा में शामिल होकर गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान किया। स्थानीय दुकानों और होटलों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिला।

अगले सोमवार को भी इसी तरह श्रद्धालुओं की भीड़ की संभावना जताई जा रही है, जिसके लिए प्रशासन पहले से तैयारी में जुट गया है।

सावन के सोमवार की मान्यता

सावन का महीना (जुलाई-अगस्त के बीच) हिंदू पंचांग के अनुसार बहुत पावन और शुभ माना जाता है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है, और खासकर सोमवार के दिन विशेष पूजा-अर्चना का महत्व होता है। सावन के सोमवार को “सावन सोमवार” कहा जाता है और इसकी धार्मिक मान्यताएँ गहरी और आस्था से भरी हुई हैं।

🌿 मान्यताएँ और धार्मिक विश्वास:

  1. भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ समय:
    मान्यता है कि सावन के सोमवार को शिवजी का पूजन करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इस समय की गई पूजा शीघ्र फलदायी होती है।

  2. विवाह की कामना रखने वाली कन्याओं के लिए:
    कुंवारी लड़कियाँ सावन के सोमवार का व्रत रखती हैं ताकि उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिले। यह परंपरा माता पार्वती के तप से जुड़ी हुई है, जिन्होंने शिवजी को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।

  3. दाम्पत्य जीवन में सुख और समृद्धि:
    विवाहित महिलाएँ भी सावन सोमवार का व्रत करती हैं ताकि उनके पति की लंबी उम्र और घर में सुख-शांति बनी रहे।

  4. पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति:
    कहा जाता है कि जो भक्त सावन सोमवार को सच्चे मन से उपवास रखते हैं और शिव जी की आराधना करते हैं, उन्हें पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

  5. प्रकृति और जल की आराधना:
    सावन का महीना वर्षा ऋतु से जुड़ा होता है, जो शिव जी के “गंगाधर” स्वरूप को दर्शाता है। जल से जुड़ी पूजा-अर्चना विशेष रूप से की जाती है।

🌼 पूजन विधि संक्षेप में:

  • प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें

  • शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाएं

  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें

  • व्रत रखें और शाम को कथा सुनें या पढ़ें

  • दिनभर फलाहार करें और रात्रि में व्रत खोलें

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